ग्राम सचिवालय पर नहीं फहराया गया तिरंगा, विद्यालय पर टूटा मिला झंडे का डंडा

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जौनपुर। विकास खंड जलालपुर के मझगंवां खुर्द गांव में गणतंत्र दिवस के अवसर पर राष्ट्रीय ध्वज न फहराए जाने और विद्यालय में झंडे की अव्यवस्था की घटनाओं ने ग्रामीणों को आक्रोशित कर दिया है। ग्राम सचिवालय में तिरंगा नहीं फहराया गया, जबकि बगल के इंग्लिश मीडियम प्राइमरी स्कूल में झंडा नदारद था और झंडे का डंडा टूटा पड़ा मिला।

इसके अलावा, थौर गांव के ग्राम सचिवालय पर भी ध्वजारोहण नहीं हुआ। राष्ट्रीय पर्व के इस तरह उपेक्षित होने पर ग्रामीणों ने घोर लापरवाही की आलोचना की।

ग्रामीणों ने जताई नाराजगी
मझगंवां खुर्द गांव के निवासियों ने बताया कि हर वर्ष गणतंत्र दिवस और स्वतंत्रता दिवस पर ग्राम सचिवालय और स्कूलों में ध्वजारोहण होता रहा है। लेकिन इस बार सुबह से लेकर दोपहर तक इंतजार करने के बाद भी कोई अधिकारी या कर्मचारी तिरंगा फहराने नहीं पहुंचा। ग्रामीणों का कहना है कि यह न केवल परंपरा का उल्लंघन है, बल्कि राष्ट्रीय ध्वज का अपमान भी है।

सरकारी विद्यालय पर टूटा मिला झंडे का डंडा
हद तो तब हो गई जब मीडिया टीम दोपहर करीब 2 बजे ग्राम सचिवालय के बगल में स्थित इंग्लिश मीडियम प्राइमरी स्कूल मझगवाँ खुर्द पर पहुंची। वहां न तो कोई शिक्षक मौजूद था और न ही झंडा। झंडे का डंडा टूटा पड़ा हुआ था। ग्रामीणों ने इसे गंभीर लापरवाही करार दिया और प्रशासन से कार्रवाई की मांग की।

ग्रामीणों का आह्वान
ग्रामीणों ने कहा, “तिरंगा हमारे देश का गौरव है, और इसका अनादर किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। प्रशासन को इस घटना पर तुरंत ध्यान देना चाहिए और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए।”

प्रशासन की चुप्पी
इस मुद्दे पर संबंधित अधिकारियों का अब तक कोई बयान नहीं आया है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि अगर इस लापरवाही पर जल्द कार्रवाई नहीं की गई, तो वे बड़े स्तर पर विरोध प्रदर्शन करेंगे।

यह घटना न केवल प्रशासन की उदासीनता को उजागर करती है, बल्कि राष्ट्रीय पर्वों के महत्व को लेकर उनकी गंभीरता पर भी सवाल खड़े करती है।