Jaunpur news 4 दशक पुराने मामले का सफल निस्तारण सुलह-समझौते के माध्यम से सम्पन्न हुआ
4 दशक पुराने मामले का सफल निस्तारण सुलह-समझौते के माध्यम से सम्पन्न हुआ
जौनपुर, सिविल जज सी0डि0/सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, श्री सुशील कुमार सिंह ने अवगत कराया है कि राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण, नई दिल्ली एवं उ0प्र0 राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ के निर्देशानुसार जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, जौनपुर में 01 अगस्त 2026 से 30 दिसम्बर 2026 तक राष्ट्र के लिए मध्यस्थता अभियान 3.0 चल रहा है। उक्त अभियान को सफल बनाने हेतु माननीय जनपद न्यायाधीश महोदय से श्री सुशील कुमार शशि द्वारा समय-समय पर न्यायिक अधिकारियों को न्यायालय में लंबित वादों का निस्तारण मध्यस्थता के माध्यम से कराये जाने हेतु दिशा-निर्देश दी गयी।
माननीय जनपद न्यायाधीश महोदय द्वारा दिये गये निर्देशों के अनुपालन में न्यायालय अपर सिविल जज (जू.डि.) पंचम, जौनपुर, के पीठासीन अधिकारी सुश्री मेधा कुशवाहा के समक्ष विचाराधीन लगभग चार दशक पुराने मूलवाद संख्या O-S- 126/1987 प्रभुदेई बनाम शहदेव का आज मध्यस्थता के माध्यम से सौहार्दपूर्ण समाधान हुआ।
उक्त मामला स्थायी निषेधाज्ञा से संबंधित था। न्यायालय द्वारा विवाद के शांतिपूर्ण समाधान की संभावना को देखते हुए पत्रावली को सुलह-समझौता केन्द्र, जौनपुर भेजा गया। मध्यस्थता प्रक्रिया के दौरान मध्यस्थ श्री मनोज कुमार वर्मा द्वारा पक्षकारों के मध्य संवाद स्थापित करने व विवाद के मूल कारण तक पहुंचने का प्रयास किया गया। तत्पश्चात मध्यस्थता केन्द्र, जौनपुर व मध्यस्थ श्री मनोज कुमार वर्मा के अथक प्रयासों के पश्चात पक्षकार आपसी मतभेद भुलाते हुए सौहार्दपूर्ण वातावरण में सहमति से विवाद का समाधान निकालने में सफल हुये। उक्त मामलों के निस्तारण में उभयपक्ष के अधिवक्ता श्री कमलेश कुमार अग्रहरि एवं श्री गोपी शंकर श्रीवास्तव द्वारा सहयोग प्रदान किया गया।
इस प्रकार मध्यस्थता ने यह फिर से साबित किया कि बातचीत के जरिये बड़े से बड़े व पुराने से पुराने वादों का निस्तारण सुलह-समझौता के माध्यम से सौहादपूर्ण तरीके से किया जा सकता है। यदि किसी मामलें का निस्तारण मध्यस्थता के माध्यम से किया जाता है तो पक्षकारों के आपसी संबंध प्रेमपूर्ण व मधुर बने रहते है।
