Jaunpur news शीराज़-ए-हिन्द का ऐतिहासिक चेहलुम शांतिपूर्ण माहौल में सम्पन्न, नम आँखों से सुपुर्द-ए-ख़ाक हुए ताज़िये व तुर्बत
शीराज़-ए-हिन्द का ऐतिहासिक चेहलुम शांतिपूर्ण माहौल में सम्पन्न, नम आँखों से सुपुर्द-ए-ख़ाक हुए ताज़िये व तुर्बत
जौनपुर। शीराज़-ए-हिन्द जौनपुर का ऐतिहासिक चेहलुम सोमवार को अकीदत, ग़म और अनुशासनपूर्ण वातावरण में शांतिपूर्वक सम्पन्न हुआ। इमामबाड़ा शेख़ मुहम्मद इस्लाम मरहूम से निकला पारंपरिक जुलूस देर रात सदर इमामबाड़ा पहुँचा, जहाँ “या हुसैन अलविदा” की सदाओं और नम आँखों के बीच ताज़ियों एवं तुर्बत को सुपुर्द-ए-ख़ाक किया गया।
चेहलुम कार्यक्रम की शुरुआत 2 अगस्त की रात इस्लाम की चौक पर ताज़िया रखने के साथ हुई। इसके बाद आयोजित शब्बेदारी की मजलिस में डॉ. कमर अब्बास ने ज़ाकिरी की। पूरी रात विभिन्न अंजुमनों ने नौहाख़्वानी और मातम पेश कर कर्बला के शहीदों को ख़िराज-ए-अकीदत पेश किया। प्रातःकाल आयोजित मजलिस में बिलाल हसनैन ने ज़ाकिरी की, जिसके उपरांत अंजुमन गुलशन-ए-इस्लाम (रजि.) द्वारा आग में दहकती ज़ंजीरों का मातम किया गया। कार्यक्रम का संचालन सैय्यद अकबर हुसैन जैदी एडवोकेट एवं तालिब जैदी ने किया।
3 अगस्त को दोपहर एक बजे आयोजित मजलिस को मौलाना सैय्यद नदीम जैदी फैज़ाबादी ने ख़िताब किया। मजलिस के बाद इमामबाड़ा शेख़ मुहम्मद इस्लाम मरहूम से ऐतिहासिक तुर्बत निकाली गई, जो ताज़िये के साथ पानदरीबा रोड, हमाम दरवाज़ा, काज़ी की गली और पुरानी बाज़ार होते हुए अपने निर्धारित मार्ग से सदर इमामबाड़ा पहुँची। इस चरण का संचालन सैय्यद कबीर जैदी ने किया।
जौनपुर का यह ऐतिहासिक चेहलुम देशभर में मनाए जाने वाले चेहलुम से एक दिन पूर्व आयोजित किया जाता है। इसकी ऐतिहासिक और धार्मिक परंपरा के कारण देश के विभिन्न राज्यों से बड़ी संख्या में जायरीन इसमें शामिल होने पहुँचते हैं।
बताया जाता है कि इस जुलूस और इमामबाड़े के बानी शेख़ मुहम्मद इस्लाम मरहूम एक मुकदमे में जेल चले गए थे, जिसके कारण नौ मोहर्रम को रखा जाने वाला ताज़िया नहीं उठ सका। बाद में उनकी रिहाई 18 सफ़र को हुई। परंपरा के अनुसार उन्होंने पूरी रात मजलिस और मातम के बाद 19 सफ़र को ताज़िया उठाया, जिसे तत्कालीन काज़ी के अनुरोध पर काज़ी की गली से होते हुए सदर इमामबाड़ा में सुपुर्द-ए-ख़ाक किया गया। तभी से यह ऐतिहासिक परंपरा निरंतर चली आ रही है। वर्तमान में इस इमामबाड़े एवं चेहलुम के इंतज़ामात मीर मुज़फ्फर हुसैन जैदी के ख़ानदान द्वारा किए जाते हैं।
चेहलुम के शांतिपूर्ण एवं सकुशल सम्पन्न होने पर मुतवल्ली सैय्यद जाफ़र हसन जैदी करबलाई, कार्यकारी मुतवल्ली सैय्यद लाडले हसन जैदी, सैय्यद कबीर जैदी, सैय्यद जमीर जैदी, सैय्यद अकबर हुसैन जैदी एडवोकेट तथा शाहिद जैदी ने प्रशासन, पुलिस एवं सभी सहयोगियों का तहेदिल से शुक्रिया अदा किया।
इस अवसर पर मौलाना सैय्यद सफदर हुसैन जैदी, पूर्व एमएलसी सिराज मेहदी, बसपा नेता तनवीर हसन, शिया कॉलेज के मैनेजर नजमुल हसन नजमी, शम्शी मुस्तफा, आरिफ हुसैनी, कमर हसनैन दीपु, साजिद हैदर जैदी, मीसम अली जैदी (सीए), मुख्तार मोहसिन जैदी, कलीम अब्बास जैदी, जमीर हसन जैदी, शमीम हैदर जैदी, शादाब जैदी, शानदार जैदी, सकलैन जैदी, मोहम्मद अली जैदी, मुन्तज़िर हुसैन जैदी सहित शहर के अनेक गणमान्य नागरिक एवं बड़ी संख्या में अकीदतमंद मौजूद रहे।
