Jaunpur news चिकित्सा प्रतिपूर्ति बिलों के ऑफलाइन भुगतान की मांग को लेकर पेंशनर्स आक्रोशित, कलेक्ट्रेट परिसर में किया धरना-प्रदर्शन

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चिकित्सा प्रतिपूर्ति बिलों के ऑफलाइन भुगतान की मांग को लेकर पेंशनर्स आक्रोशित, कलेक्ट्रेट परिसर में किया धरना-प्रदर्शन

जौनपुर, 02 नवम्बर। सेवानिवृत्त कर्मचारी एवं पेंशनर्स एसोसिएशन, उत्तर प्रदेश के आह्वान पर जनपद अध्यक्ष सी.बी. सिंह के नेतृत्व में जनपद के पेंशनर्स बड़ी संख्या में कलेक्ट्रेट परिसर स्थित धरना-प्रदर्शन स्थल पर एकत्रित हुए। पेंशनर्स ने चिकित्सा प्रतिपूर्ति बिलों के भुगतान की पूर्व से चली आ रही ऑफलाइन व्यवस्था को वर्तमान ऑनलाइन व्यवस्था के साथ बनाए रखने की एक सूत्रीय मांग को लेकर धरना-प्रदर्शन कर विरोध दर्ज कराया।

धरना-प्रदर्शन की अध्यक्षता करते हुए जनपद अध्यक्ष सी.बी. सिंह ने बताया कि 01 अक्टूबर से चिकित्सा प्रतिपूर्ति बिलों के ऑनलाइन भुगतान की व्यवस्था का शासनादेश जारी होने के पश्चात मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय में 25 सितम्बर से ही बिल लेना बंद कर दिया गया। पुनः शासनादेश के माध्यम से माह सितम्बर तक के बिलों के 31 अक्टूबर तक ऑफलाइन निस्तारण की व्यवस्था किए जाने के बावजूद संबंधित कार्यालय एवं मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय में बिल स्वीकार नहीं किए गए, जिससे पेंशनर्स अत्यंत परेशान हैं।

उन्होंने कहा कि शासनादेश के अनुसार चिकित्सा उपचार समाप्त होने के तीन माह के अंदर बिल प्रस्तुत करने का प्रावधान है। इस प्रकार माह सितम्बर तक के चिकित्सा बिल आगामी माह दिसम्बर तक प्रस्तुत किए जाने का समय है। सरकार के इस तरह के अफरातफरी वाले शासनादेश से पेंशनर्स की चिकित्सा प्रभावित हो रही है, जिसके कारण बहुत से वरिष्ठ पेंशनर्स के समक्ष जीवन का संकट उत्पन्न हो गया है।

उन्होंने बताया कि अभी तक साइबर कैफे अथवा सहज जनसेवा केन्द्र से भी ऑनलाइन देयक अग्रसारित नहीं हो पा रहे हैं। वर्ष 2020 के पूर्व सेवानिवृत्त पेंशनर्स का जब तक ऑनलाइन मानव संपदा पोर्टल पर विवरण डाउनलोड कर टोकन नम्बर निर्गत नहीं होगा, तब तक ऑनलाइन बिल प्रस्तुत नहीं किए जा सकते हैं। पेंशनर्स के ऑनलाइन पंजीकरण के संबंध में शासन स्तर से अब तक कोई कार्यवाही नहीं की गई है। इस प्रकार की कठिनाइयों को देखते हुए संगठन द्वारा प्रदेश स्तर पर पेंशनर्स सलाहकार समिति में भी यह मुद्दा उठाया गया था। इस पर सहमति होने के बावजूद अभी तक ऑफलाइन व्यवस्था लागू नहीं की जा रही है, जिससे पेंशनर्स सरकार से नाराज हैं।

उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार इस विषय पर कोई ठोस कदम नहीं उठाती है तो पेंशनर्स लखनऊ विधानसभा का घेराव कर धरना-प्रदर्शन करेंगे। साथ ही सरकार को प्रदेश के बीस लाख पेंशनर्स एवं उनके पारिवारिक सदस्यों सहित कुल एक करोड़ मतदाताओं के आक्रोश का भी सामना करना पड़ेगा। ऐसी स्थिति में धरना-प्रदर्शन के माध्यम से सरकार से मांग की गई कि ऑनलाइन भुगतान की प्रक्रियागत कमियों को शीघ्र दूर करते हुए पूर्व की भांति ऑफलाइन भुगतान की प्रक्रिया को भी साथ-साथ बनाए रखा जाए।

धरना-प्रदर्शन स्थल पर जिलाधिकारी की प्रतिनिधि उप जिलाधिकारी श्वेता गुप्ता उपस्थित हुईं। उन्होंने माननीय मुख्यमंत्री, उत्तर प्रदेश सरकार एवं मुख्य सचिव, उत्तर प्रदेश शासन सहित अन्य संबंधित अधिकारियों को संबोधित ज्ञापन प्राप्त किया तथा सभा को संबोधित करते हुए ज्ञापन को अग्रसारित करने का आश्वासन दिया।

सभा को राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के पूर्व अध्यक्ष एवं संरक्षक राकेश कुमार श्रीवास्तव ने संबोधित करते हुए पेंशनर्स की समस्याओं के निस्तारण में सरकार की उदासीनता पर आक्रोश व्यक्त किया तथा ऑफलाइन चिकित्सा बिलों के निस्तारण की प्रक्रिया को बनाए रखने की मांग की।

धरना-प्रदर्शन सभा को अन्य वक्ताओं ने भी संबोधित करते हुए सरकार से पेंशनर्स की व्यावहारिक कठिनाइयों को देखते हुए पूर्व की भांति ऑफलाइन भुगतान प्रक्रिया को यथावत बनाए रखने की मांग की।

सभा में मुख्य रूप से सूबेदार यादव, कृष्ण कुमार त्रिपाठी, इं. प्रमोद कुमार सिंह, एम.एल. गुप्त, ओंकारनाथ मिश्र, मिठाई लाल, पलकधारी मौर्य, चन्द्र शेखर सिंह, रामकेश यादव, राजेश कुमार श्रीवास्तव, राजपति यादव, वी.वी. सिंह, अशोक प्रताप सिंह, रामअवधलाल, नन्दलाल सरोज, नरेन्द्र कुमार त्रिपाठी, कंचन सिंह, चेलम्मा, महालक्ष्मी वर्मा, मोराली सिंह, कान्ती सिंह, शेषनाथ सिंह एवं भानुप्रताप श्रीवास्तव आदि उपस्थित रहे।

कार्यक्रम का संचालन जिला मंत्री कृपाशंकर उपाध्याय ने किया।

धरना-प्रदर्शन स्थल पर जिलाधिकारी की प्रतिनिधि उप जिलाधिकारी श्वेता गुप्ता (पी.सी.एस.) ने ज्ञापन प्राप्त किया।