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शिक्षा जगत का मजबूत स्तंभ ढहा, प्रधानाचार्य अखिलेश श्रीवास्तव के निधन से हर आंख हुई नम

जौनपुर। जिले के शिक्षा जगत को शनिवार को उस समय गहरा आघात लगा, जब संत परमहंस इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य एवं शिक्षा क्षेत्र में अपनी अलग पहचान रखने वाले अखिलेश श्रीवास्तव का निधन हो गया। उनके निधन की खबर मिलते ही शिक्षा जगत समेत विभिन्न क्षेत्रों में शोक की लहर दौड़ गई। सहकर्मियों, शिक्षकों, सामाजिक कार्यकर्ताओं, राजनीतिक एवं व्यापारी संगठनों से जुड़े लोगों ने उनके निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया। उनके आवास पर अंतिम दर्शन और श्रद्धांजलि देने वालों का तांता लगा रहा।

मिली जानकारी के अनुसार, 25 जून को अखिलेश श्रीवास्तव स्कूटी से कहीं जा रहे थे। कलेक्ट्रेट तिराहे के पास एक्सिस बैंक के समीप एक चार पहिया वाहन ने उनकी स्कूटी में टक्कर मार दी थी। हादसे में वह गंभीर रूप से घायल हो गए थे। उन्हें उपचार के लिए लखनऊ के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उपचार के बाद वह जौनपुर लौट आए थे और चिकित्सकों की सलाह पर उनका उपचार एवं फिजियोथेरेपी चल रही थी।

बताया गया कि शनिवार की सुबह करीब 10 बजे फिजियोथेरेपी के दौरान अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई। परिजन आनन-फानन में उन्हें अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। चिकित्सकों के अनुसार उन्हें हृदयाघात आया था। उनके निधन की खबर कुछ ही देर में शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक फैल गई और देखते ही देखते शोक संवेदनाओं का सिलसिला शुरू हो गया।

अखिलेश श्रीवास्तव के निधन को शिक्षा जगत के लिए बड़ी क्षति माना जा रहा है। वह संत परमहंस इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य के रूप में शिक्षण व्यवस्था से जुड़े रहे और अपने व्यवहार, कार्यशैली तथा शिक्षकों एवं विद्यार्थियों के प्रति समर्पण के कारण लोगों के बीच सम्मानित थे। उनके असमय निधन से शिक्षा जगत में एक ऐसा रिक्त स्थान पैदा हुआ है, जिसकी भरपाई कठिन मानी जा रही है।

उनकी पत्नी श्रीमती प्रीति श्रीवास्तव राज्य पुरस्कार प्राप्त शिक्षिका हैं और वर्तमान में बक्शा विकासखंड के रन्नो कंपोजिट विद्यालय में प्रधानाध्यापिका के पद पर कार्यरत हैं। परिवार के लिए यह दुख और भी गहरा है। पति के निधन की खबर से परिवार और परिचितों में शोक व्याप्त है।

जैसे ही अखिलेश श्रीवास्तव के निधन की खबर लोगों को मिली, सिविल लाइन स्थित उनके आवास पर शुभचिंतकों और परिचितों के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया। हर कोई उनके अंतिम दर्शन कर अपनी श्रद्धांजलि अर्पित करना चाहता था। आवास पर मौजूद लोगों की आंखें नम थीं और उनके व्यक्तित्व एवं शिक्षा के क्षेत्र में किए गए योगदान को याद कर लोग भावुक नजर आए।

उनके अंतिम दर्शन एवं श्रद्धांजलि देने वालों में पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष दिनेश टंडन, कांग्रेस नेता विकेश उपाध्याय विक्की, भाजपा नेता नीरज सिंह, प्रधानाचार्य परिषद के अध्यक्ष डॉ. जंग बहादुर सिंह, प्राथमिक शिक्षक संघ के अध्यक्ष अरविंद शुक्ला, डॉ. हेमंत सिंह, जनक कुमारी इंटर कॉलेज के शिक्षक विपिनेश श्रीवास्तव, राज्य मंत्री गिरीश चंद्र यादव के जनसंपर्क अधिकारी मनीष श्रीवास्तव, वरिष्ठ पत्रकार डॉ. मधुकर तिवारी, व्यापारी नेता सोमेश्वर केशरवानी, राधेरमन जायसवाल, रामकुमार गुप्ता, प्रदीप श्रीवास्तव डीओ, राजेश श्रीवास्तव बच्चा भैया, संजय उपाध्याय समेत बड़ी संख्या में शिक्षक, राजनीतिक कार्यकर्ता, व्यापारी, सामाजिक संगठनों के पदाधिकारी एवं गणमान्य लोग शामिल रहे।

लोगों ने कहा कि अखिलेश श्रीवास्तव का निधन केवल उनके परिवार की ही नहीं, बल्कि पूरे शिक्षा जगत की अपूरणीय क्षति है। उनके सहज व्यवहार, मिलनसार व्यक्तित्व और शिक्षा के प्रति समर्पण को लंबे समय तक याद किया जाएगा। उनके निधन से जौनपुर ने शिक्षा जगत का एक समर्पित व्यक्तित्व खो दिया।