Jaunpur news महिला सशक्तिकरण के प्रबल पक्षधर रहे समाजसेवी अजीत आर्य
महिला सशक्तिकरण के प्रबल पक्षधर रहे समाजसेवी अजीत आर्य
शादी के बाद धर्म पत्नी डॉ प्रतिभा आर्या को पीएचडी कराया
1984 में तत्कालीन राष्ट्रपति महामहिम ज्ञानी जैल सिंह के हाथों हुआ था डॉ प्रतिभा आर्या की पुस्तक का विमोचन
जौनपुर । समाजसेवी अजीत आर्य ने आज के चार दशक पूर्व नारी सशक्तिकरण की जो मशाल जलाई थी आज उनके निधन के पश्चात उसकी चर्चा जिले के लोगों में हो रही है। महिला सशक्तिकरण के प्रबल पक्षधर रहे समाजसेवी अजीत आर्य ने शादी के बाद 1982 में धर्म पत्नी डॉ प्रतिभा आर्या को पीएचडी कराया । 1984 में तत्कालीन राष्ट्रपति महामहिम ज्ञानी जैल सिंह के हाथों राष्ट्रपति भवन में डॉ प्रतिभा आर्या द्वारा लिखित पुस्तक का विमोचन कराकर एक इतिहास रच दिया था। समाज सेवी श्री आर्य
शाहगंज जेसीज के पूर्व संस्थापक, गयादीन जायसवाल इंटर कॉलेज, खुरासो, आजमगढ़ के पूर्व प्रबंधक, शाहगंज रामलीला समिति के पूर्व संरक्षक, शाहगंज जायसवाल समाज के संरक्षक, शाहगंज आर्य समाज के पूर्व अध्यक्ष और कांग्रेस पार्टी शाहगंज के पूर्व तहसील अध्यक्ष रहे अजीत कुमार आर्य का निधन समाज के लिए अपूरणीय क्षति है।
श्री आर्य ने अपने जीवन में समाजसेवा, सामाजिक एकता एवं शाहगंज के विकास के लिए महत्वपूर्ण योगदान दिया। उन्होंने न केवल अपनी धर्मपत्नी डॉ. प्रतिभा आर्य जी को भूतपूर्व राष्ट्रपति स्वर्गीय ज्ञानी जैल सिंह जी द्वारा सम्मानित करवाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, बल्कि शाहगंज के चहुंमुखी विकास के उद्देश्य से भूतपूर्व राष्ट्रपति ज्ञानी जैल सिंह को शाहगंज आमंत्रित करने का भी सराहनीय प्रयास भी किया था। लगभग 69 वर्ष की आयु में उनका यूँ हम सभी को छोड़कर चले जाना अत्यंत पीड़ादायक है।
उन्होंने अपने जीवन में अथक परिश्रम, ईमानदारी, लगन और पुरुषार्थ के बल पर व्यापार एवं समाजसेवा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान दिया। उनका जीवन, उनका संघर्ष, उनकी सेवा-भावना और उनके संस्कार हम सभी के लिए सदैव प्रेरणास्रोत रहेंगे।
आज वे हमारे बीच भले ही शारीरिक रूप से उपस्थित नहीं हैं, किंतु उनकी मधुर स्मृतियाँ, उनके विचार आज भी हमारे बीच में रहेंगी।

