Jaunpur news भक्ति, ज्ञान और संस्कारों का संगम है श्रीमद्भागवत: डॉ. रजनीकांत द्विवेदी
भक्ति, ज्ञान और संस्कारों का संगम है श्रीमद्भागवत: डॉ. रजनीकांत द्विवेदी
0 सप्ताह से भक्ति, श्रद्धा और आध्यात्मिक चेतना का बह रहा संगम
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जौनपुर। शहर में स्थित विवाह लान पिछले एक सप्ताह से धर्ममय हो गया है . बुधवार को भी बड़ी संख्या लोगों ने श्रीमद्भागवत कथा का रस पान किया. कथा व्यास डॉ. रजनीकांत द्विवेदी ने कहा कि श्रीमद्भागवत कथा केवल एक धार्मिक आयोजन ही नहीं, बल्कि जीवन को भक्ति, संस्कार और सदाचार की राह दिखाने वाला आध्यात्मिक पर्व है। भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं, प्रेम, करुणा और धर्म कथा के रस पान से मार्ग प्रशस्त होता है. कथा व्यास डॉ. रजनीकांत द्विवेदी के श्रीमुख से भागवत कथा का श्रवण का श्रद्धालुओं ने भक्ति और आध्यात्मिक अनुभूति किया.
उन्होंने कहा कि भागवत कथा के प्रसंगों में समाहित जीवन दर्शन मनुष्य को सत्य, प्रेम, सेवा, विनम्रता और कर्तव्यनिष्ठा का मार्ग दिखाता है। कथा के माध्यम से भगवान श्रीकृष्ण की मनोहारी लीलाओं और भक्तिमय प्रसंगों का वर्णन प्रस्तुत किया. बतया कि श्रीमद्भागवत कथा का मूल संदेश है कि सच्ची भक्ति मनुष्य के अंतर्मन को निर्मल बनाती है और उसे मानवता के पथ पर आगे बढ़ने की प्रेरणा देती है। ऐसे आयोजन भारतीय संस्कृति की समृद्ध परंपरा को जीवंत रखने के साथ-साथ समाज में सद्भाव, संस्कार और आध्यात्मिक चेतना के प्रसार का सशक्त माध्यम बनते हैं।
इस पावन में यजमान विमला सेठ, विवेक सेठ (मोनू) एवं अर्चना सेठ मुख्य हैं। वहीं विनीत सेठ, विशाल सेठ एवं विपिन सेठ ने व्यास पीठ की आरती उतारी. इस अवसर पर वरिष्ठ चिकित्सक डॉ वी उपाध्याय, बाल रोग विशेषज्ञ डॉ तेज सिंह, समाजसेवी विनोद सिंह अन्य मौजूद रहे.
