Jaunpur news जमीन विवाद को लेकर युवक के आत्मदाह के प्रयास का मामला, डीएम ने दिए निष्पक्ष जांच के निर्देश

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जौनपुर में जमीन विवाद को लेकर युवक के आत्मदाह के प्रयास का मामला, डीएम ने दिए निष्पक्ष जांच के निर्देश
40 प्रतिशत झुलसे दिनेश मौर्य का जिला अस्पताल में चल रहा इलाज, जबरन रास्ता बनाने की पुष्टि पर FIR दर्ज कर होगी कार्रवाई
जौनपुर। जिले के परियावां गांव में भूमि विवाद के चलते एक युवक द्वारा खुद को आग लगाकर जान देने का प्रयास करने का मामला सामने आया है। घटना को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी सैमुअल पाल एन ने पीड़ित को बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने और पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराने के निर्देश दिए हैं। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि किसी की निजी जमीन पर जबरन रास्ता बनाने की पुष्टि होने पर संबंधित लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, परियावां निवासी त्रिभुवन मौर्य के करीब 35 वर्षीय पुत्र दिनेश मौर्य ने अपने ऊपर पेट्रोल डालकर आग लगाने का प्रयास किया। घटना के बाद उन्हें सुबह करीब नौ बजे जिला अस्पताल पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों ने तत्काल उपचार शुरू कर दिया। प्रारंभिक आकलन में उनके शरीर का लगभग 40 प्रतिशत हिस्सा झुलसने की जानकारी सामने आई है। जिलाधिकारी के मुताबिक, फिलहाल उनकी हालत खतरे से बाहर बताई गई है। मुख्य चिकित्सा अधीक्षक को बेहतर से बेहतर इलाज सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
300 मीटर सड़क बनाने को लेकर शुरू हुआ विवाद
जिलाधिकारी के अनुसार, गांव में 14 तारीख को ग्राम प्रधान की अध्यक्षता में एक पंचायत हुई थी। इसमें ग्रामीणों द्वारा इस्तेमाल किए जा रहे कच्चे रास्ते पर करीब 300 मीटर सड़क बनाने को लेकर आपसी सहमति बनने की बात सामने आई है। प्रशासन का कहना है कि इसी सहमति के आधार पर ग्राम प्रधान ने सड़क निर्माण का काम आगे बढ़ाया था। हालांकि, दो दिन पहले दोनों पक्षों के बीच कहासुनी होने के बाद दिनेश मौर्य ने अपनी सहमति से इनकार कर दिया।
राजस्व अभिलेखों और नक्शे की प्रारंभिक जांच में संबंधित स्थान पर सरकारी रास्ता दर्ज नहीं होने तथा भूमि निजी भूमिधरी होने की बात सामने आई है। प्रशासन के मुताबिक, निर्माण कार्य शुरू होने के बाद जमीन प्रभावित होने की आशंका को लेकर विवाद बढ़ा। हालांकि, मामले के सभी पहलुओं की जांच की जा रही है और किसी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले संबंधित पक्षों के आरोपों की भी पड़ताल की जाएगी।
राजस्व टीम को मौके पर भेजा गया
जिलाधिकारी ने बताया कि पीड़ित परिवार के संपर्क में राजस्व अधिकारी लगातार बने हुए हैं। तहसीलदार, नायब तहसीलदार, कानूनगो और लेखपाल को मौके पर भेजकर विवाद की वास्तविक स्थिति का पता लगाने के निर्देश दिए गए हैं। पंचायत किस परिस्थिति में हुई और उसमें ग्राम पंचायत अधिकारी की क्या भूमिका रही, इसकी भी जांच कराई जाएगी। बताया गया कि संबंधित पंचायत में राजस्व अधिकारी मौजूद नहीं थे।
डीएम ने स्पष्ट किया कि यदि जांच में किसी की भूमिधरी जमीन पर जबरन सड़क बनाए जाने की पुष्टि होती है तो जिम्मेदार लोगों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कर कठोर कार्रवाई की जाएगी। साथ ही, पीड़ित परिवार की ओर से लगाए गए आरोपों की भी गंभीरता से जांच कराई जा रही है।
समस्या के समाधान के लिए प्रशासन से संपर्क करने की अपील
जिलाधिकारी ने कहा कि जिला प्रशासन पीड़ित परिवार के साथ है और मामले में नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने जनपदवासियों से अपील की कि भूमि विवाद अथवा किसी अन्य समस्या के समाधान के लिए कोई भी व्यक्ति आत्मघाती कदम न उठाए। अपनी शिकायत जनसुविधा केंद्र, आईजीआरएस पोर्टल, संबंधित हेल्पलाइन या जिलाधिकारी के सीयूजी नंबर के माध्यम से दर्ज कराई जा सकती है। प्रशासन ने शिकायतों का त्वरित निस्तारण करने का भरोसा दिलाया है।