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सेवानिवृत्त राजस्व निरीक्षक व लेखपाल के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज

पैसा लेकर राजस्व अभिलेख में नाम बदलने का आरोप

पुलिस ने कहा आरोपितों की बहुत जल्द की जाएगी गिरफ्तारी

जौनपुर। शहर के लाइन बाजार थाना क्षेत्र के हुसेनाबाद में राजस्व अभिलेख में गलत नाम दर्ज करने के मामले में पुलिस ने तत्कालीन राजस्व निरीक्षक और लेखपाल के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर लिया है। 12 वर्ष पुराने जिले के इस बहुचर्चित मामले में जालसाजी में माहिर दोनों आरोपित वर्तमान में सेवानिवृत्त हो चुके हैं।
इनमें रिटायर्ड कानून गो जय सिंह मौर्य जो मुख्य आरोपित है उसने अब तक करोड़ों की संपत्ति बनाकर अपने पैतृक गांव नगर पंचायत खेतासराय में स्कूल कॉलेज भी खोल रखा है।
थाना लाइन बाजार पुलिस के मुताबिक यह पूरा मामला साल 2014 का बताया गया है।
मौजूदा लेखपाल अरुण कुमार यादव की ओर से लाइन बाजार थाने में दी गई तहरीर के अनुसार हुसेनाबाद पर हवेली स्थित कायस्थ पाठशाला तथा मुक्तेश्वर प्रसाद के नाम दर्ज था।
आरोप है कि जनपद जौनपुर के सदर तहसील में तत्कालीन राजस्व निरीक्षक जयसिंह मौर्य और लेखपाल फूलचंद यादव ने कब्जे के आधार पर कायस्थ पाठशाला और मुक्तेश्वर प्रसाद के स्थान पर कमला देवी पत्नी रतन बहादुर सिंह निवासी गजाधर, बदलापुर का नाम दर्ज कर दिया।
इस नामांतरण के संबंध में उषा देवी पत्नी हरेंद्र प्रताप सिंह निवासी लकठेपुर, केराकत की ओर से विभिन्न स्तरों पर शिकायत की गई थी। लेकिन राजस्व विभाग में भू माफियाओं के बीच अच्छी पकड़ रखने के चलते तत्कालीन राजस्व निरीक्षक जयसिंह मौर्य और लेखपाल फूलचंद यादव के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हो सकी।
बावजूद इसके पीड़ित ने हिम्मत नहीं हारी और मुख्यमंत्री स्तर पर भी इस पूरे मामले की शिकायत किया। जिसके बाद उच्चाधिकारियों से वार्ता और परामर्श के बाद संबंधित राजस्व निरीक्षक जयसिंह मौर्य पुत्र स्व देवराज मौर्य निवासी नगर पंचायत खेतासराय, जनपद जौनपुर
और लेखपाल फूलचंद यादव के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने के निर्देश दिए गए। इस संबंध में लाइन बाजार थानाध्यक्ष केके सिंह ने बताया कि पुलिस ने जालसाजी की गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज करने के बाद
मामले की जांच शुरू कर दिया है। थाना प्रभारी ने कहा कि दोनो आरोपितों की बहुत जल्द गिरफ्तारी भी की जाएगी।