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इन्द्रजीत सिंह मौर्य की रिपोर्ट

बैंक कर्मियों के हड़ताल से अरबों का लेनदेन हुआ प्रभावित

एसबीआई मुख्य शाखा में कर्मचारियों ने प्रदर्शन कर मांगों के समर्थन में बुलंद की आवाज

जौनपुर। यू लएफबीयू के बैनर तले सरकारी बैंक के अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने शुक्रवार को देशव्यापी हड़ताल का समर्थन करते हुए जिले में भी बैंकिंग कार्यकाज को ठप रखा।
विगत तीन वर्षों से बैंक कर्मी पांच दिवसीय बैंकिंग की मांग को लेकर वित्त मंत्रालय एवं इंडियन बैंक एसोसिएशन से द्विपक्षीय वार्ता में रहे हैं ।
किंतु इंडियन बैंक एसोसिएशन द्वारा इसकी रूपरेखा के अनुमोदन के उपरांत भी सरकार ने इसे अब तक लंबित ही रखा है।
भारतीय स्टेट बैंक जौनपुर के क्षेत्रीय सचिव सौरभ उपाध्याय ने बताया कि इस वर्ष की शुरुवात में 27 जनवरी को भी इसी विषय पर इक दिवसीय हड़ताल करते हुए बैंककर्मियों ने सरकार के प्रति अपनी नाराजगी जाहिर की । किंतु अब तक कोई ठोस आश्वासन नहीं मिलने के कारण विवश होकर बैंक कर्मियों ने अब आंदोलन का रास्ता अख्तियार कर लिया है।
सहायक महामंत्री भारतीय स्टेट बैंक इंद्र कुमार कथूरिया ने बताया कि पांच दिवसीय बैंकिंग के अतिरिक्त उनकी प्रमुख मांगों में भेदभावपूर्ण पीएल आई (परफॉर्मेंस लिंक्ड इंसेंटिव) जो कि सरकार द्वारा द्विपक्षीय समझौते का उल्लंघन करते हुए बैंक कर्मियों पर थोपी गई उसे वापस लेना है। इस स्कीम के तहत बैंकों के मुनाफे में से कर्मचारियों एवं स्केल तीन तक के अधिकारियों को जहां पंद्रह दिन का वेतन इंसेंटिव के रूप में दिया गया।
वहीं स्केल चार एवं ऊपर के अधिकारियों को 365 दिन के मूल वेतन के बराबर इंसेंटिव दिया गया,
जो पूर्णतया भेदभावपूर्ण है। बैंक कर्मियों ने आगे इसी माह 28,29,30 सितंबर को तीन दिवसीय हड़ताल की घोषणा की है। इसके बाद भी अगर उनकी मांगे न मानी गई तो 26 अक्टूबर से सभी बैंक कर्मी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने को मजबूर हो जाएंगे ।
जिसकी पूरी जिम्मेदारी सरकार की होगी। आंदोलन में पार्थ ,सुजीत, अनुराग अमरेश मिश्रा,सुदीप मौर्य,प्रतीक सिंह,आर्यन सिंह अर्पित,पंकज, श्रवण कुमार,जहीर अब्बास के साथ साथ महिला कर्मी गीतिका, सोनम,शिवांगी,रौनक अफरोज आदि ने बढ़ चढ़ कर हिस्सा लिया।