Jaunpur news सपा नेता स्व. केपी यादव के अध्यापक भाई और कॉलेज लिपिक की मौत पर 1.83 करोड़ की क्षतिपूर्ति
सपा नेता स्व. केपी यादव के अध्यापक भाई और कॉलेज लिपिक की मौत पर 1.83 करोड़ की क्षतिपूर्ति
सड़क हादसों में बुझ गईं दो जिंदगियां, परिजनों को ब्याज समेत मुआवजा देने का आदेश
जौनपुर। अलग-अलग सड़क हादसों में जान गंवाने वाले सपा नेता एवं पूर्व दर्जा प्राप्त मंत्री स्व. केपी यादव के अध्यापक भाई चंद्र प्रकाश यादव और कॉलेज लिपिक अजय कुमार सिंह के परिवारों को बड़ी राहत मिली है। मोटर दुर्घटना अधिकरण के जज मनोज कुमार अग्रवाल ने दोनों मामलों में बीमा कंपनियों को ब्याज सहित कुल 1.83 करोड़ रुपये की क्षतिपूर्ति अदा करने का आदेश दिया है। अदालत ने दोनों बीमा कंपनियों को दो माह के भीतर मृतकों के परिजनों को क्षतिपूर्ति की धनराशि भुगतान करने का निर्देश दिया।
जफराबाद में हादसे ने छीन ली अध्यापक की जिंदगी, मिलेगा 95 लाख का मुआवजा-
12 दिसंबर 2022 की शाम करीब 4:30 बजे जफराबाद थाना क्षेत्र के किरतापुर के पास 52 वर्षीय अध्यापक चंद्र प्रकाश यादव मोटरसाइकिल से घर लौट रहे थे। इसी दौरान सामने से आ रही दूसरी मोटरसाइकिल के चालक ने लापरवाही से टक्कर मार दी। गंभीर रूप से घायल चंद्र प्रकाश यादव की मौत हो गई। वह उत्तरगांवा, जफराबाद के निवासी थे और सपा नेता एवं पूर्व दर्जा प्राप्त मंत्री स्व. केपी यादव के भाई थे।
मृतक के परिजनों ने वाहन चालक, मालिक और बीमा कंपनी के विरुद्ध मोटर दुर्घटना अधिकरण में क्षतिपूर्ति याचिका दाखिल की। मामले की सुनवाई के बाद अदालत ने मोटरसाइकिल चालक की लापरवाही सिद्ध मानते हुए उसकी बीमा कंपनी आईसीआईसीआई लोम्बार्ड जनरल इंश्योरेंस कंपनी को ब्याज सहित 95 लाख रुपये क्षतिपूर्ति अदा करने का आदेश दिया।
पंवारा में कार की टक्कर से गई लिपिक की जान, 88 लाख रुपये की क्षतिपूर्ति-
दूसरे मामले में 4 जुलाई 2022 को दोपहर करीब एक बजे कुंवरपुर, पंवारा निवासी 51 वर्षीय कॉलेज लिपिक अजय कुमार सिंह मोटरसाइकिल से कॉलेज से घर लौट रहे थे। रास्ते में कार चालक की लापरवाही के कारण हुई सड़क दुर्घटना में उनकी मौत हो गई। हादसे के बाद परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा।
मृतक के परिजनों ने कार चालक, मालिक और बीमा कंपनी के खिलाफ अधिकरण में क्षतिपूर्ति याचिका दायर की। अदालत ने कार चालक की लापरवाही पाए जाने पर कार की बीमा कंपनी यूनाइटेड इंडिया इंश्योरेंस कंपनी को ब्याज सहित 88 लाख रुपये क्षतिपूर्ति देने का आदेश दिया।
अदालत में गवाहों का परीक्षण और कानूनी दलीलों से मजबूत हुई पैरवी-
दोनों मामलों में अधिवक्ता हिमांशु श्रीवास्तव ने याचीगण की ओर से प्रभावी पैरवी करते हुए गवाहों को परीक्षित कराया तथा संबंधित विधि व्यवस्थाओं और न्यायिक निर्णयों का हवाला देते हुए जोरदार बहस की। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अधिकरण ने वाहन चालकों की लापरवाही को दुर्घटनाओं का कारण मानते हुए दोनों बीमा कंपनियों को निर्धारित क्षतिपूर्ति राशि दो माह के भीतर अदा करने का आदेश दिया।
दो हादसे, दो परिवारों का सहारा छिना—अब अदालत के आदेश से परिजनों को आर्थिक राहत की उम्मीद जगी है।
