Jaunpur news एडीएम का एफसीआई डिपो पर औचक निरीक्षण, गेहूं आपूर्ति में तेजी लाने और श्रमिक बढ़ाने के दिए सख्त निर्देश
जौनपुर में एडीएम का एफसीआई डिपो पर औचक निरीक्षण, गेहूं आपूर्ति में तेजी लाने और श्रमिक बढ़ाने के दिए सख्त निर्देश
जौनपुर। जिलाधिकारी के निर्देश पर अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) परमानंद झा ने गुरुवार को किर्तापुर स्थित भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) एवं राज्य भंडारण निगम (एसडब्ल्यूसी) डिपो का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान गेहूं के भंडारण, उठान और सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत खाद्यान्न आपूर्ति की प्रगति की समीक्षा की गई।
जिला खाद्य विपणन अधिकारी ने बताया कि रबी विपणन वर्ष 2026-27 में जिले में कुल 32,216.016 मीट्रिक टन गेहूं की खरीद हुई है। इसमें से 29,047.94 मीट्रिक टन गेहूं एफसीआई को भेजा जा चुका है, जबकि 3,168.08 मीट्रिक टन गेहूं का प्रेषण अभी शेष है। निरीक्षण के दौरान डिपो पर गेहूं से लदे तीन ट्रक उतारने के लिए खड़े मिले और केवल एक श्रमिक दल (12 मजदूर) कार्य करता पाया गया।
स्थिति का संज्ञान लेते हुए एडीएम ने सभी क्रय एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर 31 जुलाई 2026 से पहले शत-प्रतिशत गेहूं एफसीआई को भेजने के निर्देश दिए। उन्होंने उपलब्ध संसाधनों का अधिकतम उपयोग करने पर भी जोर दिया।
सार्वजनिक वितरण प्रणाली की समीक्षा में सामने आया कि अगस्त 2026 के लिए आवंटित 17,627.05 मीट्रिक टन खाद्यान्न में से अब तक 9,215.10 मीट्रिक टन यानी करीब 52.28 प्रतिशत खाद्यान्न का ही उठान हो सका है। किर्तापुर गोदाम से जारी लगभग पूरा खाद्यान्न उठा लिया गया है।
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने बताया कि आगामी मानसून को देखते हुए केंद्र सरकार ने अक्टूबर 2026 तक के आवंटित खाद्यान्न का अग्रिम उठान 31 अगस्त तक पूरा करने के निर्देश दिए हैं। हालांकि जासोपुर और शिवांगनी वेयरहाउस में पर्याप्त श्रमिक उपलब्ध न होने के कारण खाद्यान्न उठान और गेहूं उतारने का कार्य अपेक्षित गति से नहीं हो पा रहा है।
इस पर अपर जिलाधिकारी ने नाराजगी जताते हुए एफसीआई और राज्य भंडारण निगम के अधिकारियों को निर्देश दिए कि संबंधित ठेकेदारों के माध्यम से सभी गोदामों पर प्रतिदिन पर्याप्त संख्या में श्रमिकों की उपलब्धता सुनिश्चित कराई जाए, ताकि खाद्यान्न का उठान और भंडारण कार्य निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा हो सके।
निरीक्षण के दौरान जिला खाद्य विपणन अधिकारी, एफसीआई डिपो प्रबंधक, एसडब्ल्यूसी प्रबंधक तथा अन्य संबंधित अधिकारी भी मौजूद रहे।
