Jaunpur news जापान से पदक लेकर गुरु के आंगन पहुंचे रोहित यादव, खझड़ी सम्राट के जौनपुर स्थित आवास पर हुआ आत्मीय अभिनंदन
●जापान से पदक लेकर गुरु के आंगन पहुंचे रोहित यादव, खझड़ी सम्राट के जौनपुर स्थित आवास पर हुआ आत्मीय अभिनंदन
●एशियाई खेलों में 84.35 मीटर भाला फेंककर कांस्य पदक जीतने वाले जौनपुर के लाल ने साझा कीं संघर्ष के दिनों की यादें
जौनपुर, 04 अक्टूबर 2026। जापान के नागोया में आयोजित एशियाई खेल 2026 में भाला फेंक स्पर्धा में कांस्य पदक जीतकर देश और जौनपुर का नाम रोशन करने वाले रोहित यादव का 04 अक्टूबर को जौनपुर के जाने-माने कलाकार एवं खझड़ी सम्राट सत्य प्रकाश “मुन्ना” के चाँदमारी कॉलोनी स्थित आवास पर आत्मीय आगमन हुआ। अंतरराष्ट्रीय खेल मंच पर सफलता का परचम लहराने के बाद अपने पुराने आत्मीय परिवेश में पहुँचे रोहित का स्वागत केवल एक पदक विजेता खिलाड़ी के रूप में नहीं, बल्कि संघर्ष के दिनों से जुड़े एक अपने शिष्य की गुरु के घर वापसी के रूप में किया गया।
रोहित यादव का खझड़ी सम्राट सत्य प्रकाश “मुन्ना” के परिवार से संघर्ष के दिनों से ही विशेष आत्मीय संबंध रहा है। खझड़ी सम्राट के पुत्र असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. कुँवर शेखर गुप्ता ने विद्यार्थी जीवन में रोहित को पढ़ाया है। इसी गुरु-शिष्य संबंध की आत्मीयता को निभाते हुए रोहित अपनी बड़ी उपलब्धि के बाद उनके आवास पर पहुँचे और आशीर्वाद प्राप्त किया। इस दौरान उन्होंने अपने विद्यार्थी जीवन की पुरानी स्मृतियों को साझा किया तथा परिवार के साथ अपनी सफलता की खुशियाँ बाँटीं। संघर्ष के दिनों में मिले स्नेह और मार्गदर्शन को याद करते हुए रोहित ने अपने प्राध्यापक के प्रति आभार व्यक्त किया और कहा कि विद्यार्थी जीवन से लेकर आज तक मिला आशीर्वाद उनके लिए विशेष महत्व रखता है।
इस अवसर पर खझड़ी सम्राट सत्य प्रकाश “मुन्ना” ने रोहित यादव को पुष्पगुच्छ प्रदान कर एवं माल्यार्पण कर उनका स्वागत किया और उनकी उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त की। वहीं डॉ. कुँवर शेखर गुप्ता ने रोहित को स्मृति-चिह्न के रूप में माँ सरस्वती की प्रतिमा एवं अंगवस्त्र प्रदान कर सम्मानित किया। गुरु के हाथों मिले इस सम्मान ने समारोह को भावनात्मक रूप से और विशेष बना दिया।। समारोह में समाजसेवी विक्रम गुप्ता, कलाविद् रविकांत जायसवाल एवं पी.के. टायर के अधिष्ठाता पवन प्रजापति ने भी रोहित यादव का माल्यार्पण कर स्वागत किया और एशियाई खेलों में उनकी शानदार उपलब्धि के लिए बधाई दी। इस अवसर पर ऋचा अग्रहरि एवं अनिता देवी भी उपस्थित रहीं।
रोहित यादव की इस उपलब्धि का महत्व इसलिए भी बढ़ जाता है कि यह उनके करियर का पहला बड़ा अंतरराष्ट्रीय चैंपियनशिप पदक है। एशियाई खेलों की इस सफलता से पहले वे लंबे समय से अंतरराष्ट्रीय पदक की तलाश में थे। विश्व एथलेटिक्स के रिकॉर्ड के अनुसार रोहित का व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 87.68 मीटर है, जो उन्होंने 22 अगस्त 2026 को भुवनेश्वर में दर्ज किया। वे अब एशियाई खेलों के कांस्य पदक विजेता, चार बार के राष्ट्रीय चैंपियन तथा राष्ट्रमंडल खेलों में दो बार शीर्ष-8 में स्थान बनाने वाले खिलाड़ी हैं।
इस अवसर पर खझड़ी सम्राट ने कहा कि रोहित यादव की यह यात्रा जौनपुर की युवा प्रतिभाओं के लिए प्रेरणा का संदेश भी है। जौनपुर की धरती से निकलकर नागोया, जापान के अंतरराष्ट्रीय खेल मंच तक पहुँचना और फिर पदक लेकर उसी अपनेपन के आँगन में लौटना, यह सफलता केवल एक खिलाड़ी की उपलब्धि नहीं, बल्कि परिवार के अत्यंत अनुकरणीय दिए गए संस्कार, गुरुजनों के आशीर्वाद, संघर्ष और निरंतर मेहनत की साझा जीत है। डॉ शेखर ने कहा कि रोहित जी का यह आत्मीय आगमन इस बात का प्रतीक रहा कि सफलता की ऊँचाइयों पर पहुँचने के बाद भी व्यक्ति अपने संघर्ष के दिनों, अपने शिक्षकों और अपने लोगों को नहीं भूलता।
